Nukkad Natak Script In Hindi On Cleanliness Pdf 20 File
हे भगवान, कितनी गर्मी है। जल्दी-जल्दी सब्जी काट कर फेंक दो। (छिलके सड़क पर फेंकती हैं)
अब आप बताइए, क्या आप भी ये प्रण लेंगे?
मेरे बाप ने की गलती, पर मैं सुधर गया। आज से मैं कपड़े का थैला लेकर आऊंगा। आप भी जूट का थैला रखो।
तू चुप कर, बड़ा आया ज्ञानी। तेरे बाप ने भी पॉलिथीन ही तो डलवाई थी। Nukkad Natak Script In Hindi On Cleanliness Pdf 20
दूत जी सच कह रहे हैं। गली के कोने पर डस्टबिन रखवा दूंगा। और हां, थूकना बंद करो। थूक से टीबी फैलती है। दृश्य 4: सामूहिक प्रणाम और बदलाव पप्पू: मैं प्रण लेता हूँ, न तो गंदगी फैलाऊंगा, न फैलने दूंगा।
(सोच में) तो क्या करूं? सफाई करूं तो मेरा काम खत्म?
अरे दीदी! आपने तो यहाँ सब्जी के छिलके फेंक दिए। कोई फिसल कर गिर गया तो? अरे दीदी
मैं हूं स्वच्छता का संदेशवाहक। सुनो मेरी वाणी, बदलो अपनी कहानी। गंदगी वो दीवार है, जो खुशियों को रोकती है। स्वच्छता वो चाबी है, जो सेहत का दरवाजा खोलती है। एक बार नहीं, हर रोज सफाई करो। खुद भी स्वच्छ रहो, दूसरों को भी समझाओ।
सुनो सुनो नागरिकों, सुनो एक बात। गंदगी ने घर कर ली, खो दी अपनी बात। नुक्कड़ नाटक के जरिए, देंगे संदेश साफ। स्वच्छता ही जीवन है, ये है हमारा राग। दृश्य 1: गंदगी का राज (राजू माथे पर हाथ रखे, चारों तरफ कूड़ा देखकर बेचारगी दिखाते हुए आता है)
बहाने नहीं, बदलाव लाओ। दो डस्टबिन रखो – हरा (गीला कचरा) और नीला (सूखा कचरा)। गीले से खाद बनाओ, सूखे को रिसायकल करो। ये महंगा नहीं, आदत सस्ती है। न तो गंदगी फैलाऊंगा
मैं हर रविवार को गली सफाई अभियान चलाऊंगी।
(तभी चंपा दीदी आती हैं, सब्जी के छिलके इधर-उधर फेंकती हुई)