Play On Independence Day In Hindi Script [ Chrome ]

दादी, हमें बताइए, 1947 से पहले क्या था?

(खड़ा होकर) हाँ, लेकिन अब हमें नई आज़ादी चाहिए – भूख से आज़ादी, अशिक्षा से आज़ादी, गंदगी से आज़ादी।

हर घर ने बलिदान दिया। किसी ने अपना बेटा दिया, किसी ने अपनी ज़मीन। आज़ादी की रात लोग रोए थे, खुशी के नहीं, अपने मरने वालों की याद में।

(आयुष का चेहरा उतर जाता है।) play on independence day in hindi script

दादी, मुझे माफ कर दीजिए। मैं आज़ादी को हल्के में ले रहा था।

(रिया और आयुष दादी के पास बैठे हैं। दादी चरखा कात रही हैं।)

कोई बात नहीं बेटा। अब तुम समझ गए। असली आज़ादी सिर्फ झंडा फहराना नहीं है, बल्कि देश को आगे ले जाना है। अशिक्षा से आज़ादी

हाँ बेटा। गांधी जी, नेहरू जी, भगत सिंह, सुभाष बाबू – हज़ारों लोगों ने अपनी जान दे दी। गोलियाँ खाईं, जेल गए। तुम्हारे परदादा भी झंडा लहराते हुए पकड़े गए थे।

(रिया और आयुष कुर्सियों पर बैठे हैं। शिक्षिका कक्षा में आती हैं।)

और मैं सबको एक प्रेरणा देती हूँ – ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा’ अब हमें बदलना है ‘तुम मुझे पढ़ाई दो, मैं तुम्हें तरक्की दूंगा।’ खुशी के नहीं

हम वादा करते हैं कि हम देश को स्वच्छ, शिक्षित और मजबूत बनाएंगे। तिरंगा हमारे दिल में रहेगा, सिर्फ हाथ में नहीं।

(सभी स्कूल की पोशाक में। तिरंगा फहर रहा है। एक बुज़ुर्ग खड़ा है, जो असली स्वतंत्रता सेनानी हैं।)

तो क्या हर घर में कोई न कोई शहीद हुआ?

(सब मिलकर राष्ट्रगान गाते हैं – “जन गण मन…”)

रिया सही कह रही है। आयुष, तुम्हें इसका मतलब समझना होगा। इसलिए मैं तुम दोनों को एक काम देती हूँ – अपनी दादी से मिलो और पूछो कि उनके समय में आज़ादी कैसी थी।