(सोहम शाह) इस महल के मालिक के वंशज हैं। वह अपनी दादी से यह रहस्य सुनता है कि हस्तार के पास अथाह सोने का खजाना है, लेकिन हर बार उसे खोलने पर एक शर्त पूरी करनी पड़ती है: "जितनी बार खोलो, उतना लो, पर एक बार से ज्यादा कभी मत लेना।"
निर्देशक: राही अनिल बर्वे (उनकी मृत्यु के बाद आदेश प्रसाद ने फिल्म पूरी की) रिलीज़: 2018 भाषा: हिंदी (मराठी का स्पर्श) 1. संक्षिप्त परिचय तुम्बाड सिर्फ एक हॉरर फिल्म नहीं है; यह एक दार्शनिक कहानी है। यह फिल्म 20वीं सदी की शुरुआत के ब्रिटिश राज वाले भारत में सेट है, लेकिन इसकी जड़ें हजारों साल पुरानी एक किंवदंती में हैं। इसे बॉलीवुड की सबसे अनोखी, डार्क और विचारोत्तेजक फिल्मों में गिना जाता है। 2. कहानी (Plot Summary) कहानी शुरू होती है हस्तार नाम के एक प्राचीन देवता से, जिसे धन का देवता कहा जाता है, लेकिन उसकी माँ उसे "लालच का देवता" कहती हैं। देवी-देवताओं के जन्म के समय, हस्तार सबसे आखिर में पैदा हुआ। उसे कोई जगह नहीं मिली, न स्वर्ग में, न पृथ्वी पर। तब उसकी माँ ने उसे एक अंधेरी कोठरी में छिपा दिया — तुम्बाड के महल के नीचे । Tumbbad Movie Hindi Mein
⭐⭐⭐⭐½ (4.5/5) अगर आपने अब तक तुम्बाड नहीं देखी, तो रात को लाइट बंद करके, हेडफोन लगाकर इसे देखें — मगर पास में पानी की बोतल जरूर रखें। न स्वर्ग में